Qayamat Ki Nishaniyan in Hindi | क़यामत की 7 निशानियां हिंदी में –


Qayamat Ki Nishaniyan  Qayamat Ki Nishaniyan in Hindi क़यामत की 7 निशानियां हिंदी में :  अस्सलामु अलैकुम वरहमतुल्लाह वबरकाताहु आज के इस Post में हम आपको क़यामत की 7 ऐसे निशानियों के बारे में बताएँगे जो तक़रीबन तक़रीबन पूरी हो चुकी है मुसलमानो अपने ईमान को पक्का कीजिये और नमाज़ को अपनाइए और अपने बच्चो को घरो में नमाज़ पढ़ने की सलाह दीजिये Namaz ka Tarika क्यों की नमाज़ ही काम आएगा क़यामत के दिन

हर एक मुसलमान को पता है की एक दिन क़यामत आएगा पर ये कोई नहीं जनता सिवाय अल्लाह के की क़यामत कब आएगा और उसकी पहचान किया होगी तो ऐसे ही क़यामत की 7 निशानिओं के बारे में हम आपको रूबरू करवाएंगे की किया होगा जब क़यामत आएगा और इसकी निशानी के बारे में तो चलिए हम आपलोगो को बताते है क़यामत की 7 निशानियों के बारे में

Qayamat Ki Nishaniyan In Hindi

नाजरीन क़यामत की निशानियों में से चंद एक बड़ी निशानी जो तक़रीबन हर एक मुसलमान को पता होगा जिनमे से एक निशानी तो ये है की जब क़यामत आएगी तो सूरज पूरब के बजाये मगरिब से तलु होगा यानि निकलेगा और उस वक़्त तौबा का दरवाजा हमेशा हमेशा के लिए बंद कर दिया जायेगा उस वक़्त बहुत से लोग ईमान लाएंगे पर उस वक़्त कोई सुनवाई नहीं की जाएगी दोस्तों अभी वक़्त है अपने ईमान को पुख्ता और पाकीजा बनाये ऐसा ना हो की वक़्त आपके पास बाद में रहे|

हमारे मौअज्जिज दोस्तों हमारे प्यारे नबी हजरत मुहम्मद (S.A.W) के तरफ से बताये गए 7 क़यामत के निशानियों के बताएँगे जो की आज के इस दौर में इस Culture Fashion के देख कर पूरी होती हुइ दिखाई दे रहा है जैसा के हमें प्यारे नबी (S.A.W) ने फरमाएं थे

जब हमारे प्यारे नबी हुजूर SAW से पूछा गया की क़यामत कब आएगी तो आप (S.A.W) ने फ़रमाया की इसका इल्म सिर्फ अल्लाह तआला को है पूछा गया कोई निशानी तो आप ने फ़रमाया की

  1. पहला निशानी: जब बेटे अपने माँ बाप की ना फ़रमानी करने लगे अपनी बीवी wife के बातों को अपने माँ बाप के बातो से ज्यादा तरजि देंगे अपनी बीवी wife के बातों के सामने अपने माँ की बातों को रद्द कर देंगे ये

क़यामत की 7 निशानियां हिंदी में

2. दूसरी निशानी : जो आपने फ़रमाई की औलाद अपनी दोस्तों को अपने वाल्दैन पर तरजि देंगे नाजरीन अगर देखा जाये तो आज हमारे मासरे में ऐसे बहुत से बदबख्त लोग है जो अपनी बीवी wife की तो बात मानते है पर मगर दूसरे ही तरफ अपने वालिद वाल्दैन को कोई बात कहने तक का मौका नहीं देते है जो अपने दोस्तों को तो तरजि देते है मगर अपने वाल्दैन से बात करने को गवारा नहीं समझते है हमारे प्यारे नबी हजरत मुहम्मद (S.A.W) ने फ़रमाया की काश मेरी माँ जिन्दा होतीं में ईशा की नमाज के लिए खड़ा होता और उधर मेरी माँ मुझे पुकारती तो मैं अपनी माँ की खातिर अपना नमाज़ तोड़ देता|

3. तीसरी निशानी : जो आपने फ़रमाई औरतों की तादाद मर्दों से ज्यादा होगी नाजरीन अगर देखा जाये तो दिन बदिन यही सुरते हाल पैदा होते जा रही है हिन्दू मजहब में बच्ची का पैदा होना गलत तस्सवुर किया जाता है ये एक Report के मुताबिक भारत में हर साल एक करोड़ से ज्यादा बच्चियां पैदा होने से पहले ही माँ के पेट में ही मार दिए जाती है इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है की दिन बदिन लड़को से ज्यादा सरय पैदाइस लड़कियों की होती जा रही है जो की ये क़यामत की एक बहुत बड़ी निशानी है|

4. चौथा निशानी : आप (S.A.W) ने फ़रमाई है की औरतें ऐसा लिबास पहनेंगीं जिसमे उनका जिस्म साफ़ साफ़ दिखाई देगा नाजरीन अगर मुसायदा किया जाए तो आज हमारे मासरे में फैशन के नाम पर औरतों के ऐसे लिबास बनाये जा रहे है जिनको पहनने के बावजूद औरतों का जिस्म नुमाया तौर पर नजर आ रहा होता है ये भी क़यामत की निशानी है|

क़यामत की 7 निशानियां

5. पांचवी निशानी :आप ने फ़रमाई मौसिकी आम हो जायगी लोगो को गाने सुनने में लज्जत आएगी नाजरीन इ ग्रामी अगर देखा जाय तो हमारे नौजवान नस्ल आज क़यामत की इस निशानी की वजह बन चुके है आज तक़रीबन हर नौजवान मौसिकी का आदि हो चूका है ये भी क़यामत की और इशारा करती है|

6. छठी निशानी: जो अपने फ़रमाया जिन्ना आम हो जायेगा दोस्तों अगर मुसाइदा किया जाए तो आज योरपीएन नुमालत में जिन्ना करना एक आम बात समझी जाती है ये भी एक क़यामत की निशानी ही है जैसा की अपने फ़रमाया है|

7. सातवीं निशानी : जो आप (S.A.W) ने फ़रमाया लोग बुलंदो बाला इमारतें बनाएंगे और उन पर फख्र करेंगे नाजरीन ए अकरम दुआ है अल्ल्हा पाक हमें और आपको सच्ची और पक्की तौबा करने की तौफ़ीक़ अता फरमाए इससे पहले की क़यामत आ जाए और तौबा का दरवाजा हमेशा के लिए बंद कर दिया जाए इसी लिए अपने ईमान को पक्का और सच्चा बनायें|

कैसी लगी आपको ये Important जानकारी अगर अच्छा लगा होतो इसे अपने करीबियों को शेयर जरूर करें और सवाब का हिस्सा बने हमें और आपको अल्लाह तआला सच्चा और पक्का नमाज़ी बनादे आमीन (खुदा हाफ़िज़)


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