Chink ne Ki Sunnatein Aur Adaab | छींकने की सुन्नतें और आदाब –


Chink ne Ki Sunnatein Aur Adaab छींकने की सुन्नतें और उसके आदाब Chink ne Ki Sunnatein Aur Adaab In Hindi अस्सलामु अलैकुम वरहमतुल्लाह वबरकाताहु प्यारे नाजरीन आज हम आपको छींकने की सुन्नत और उसके आदाब के बारे में बतायंगे जो हर एक मोमिन को जानना और उस पर अमल करना बहुत जरुरी है हमें इस बात को बिलकुल भी नहीं भूलना नहीं चाहिए की हम इस्लाम जैसे पाक मजहब से तालुक रखते है और हमें इस्लामिक तौर तरीके पर चलना चाहिए तो चलिए हम छींकने की कुछ मसले के बारे में जानते है पानी पिने की सुन्नते और आदाब के बारे में जान्ने के लिए इसके लिंक पर Pani Pine Ki Sunnatein Aur Adaab पर click करें |

Chink Ne Ki Sunnatein Aur Adaab

हमारे प्यारे इस्लामी भाई और बहने छींकना भी एक अहम् अम्र है इसके भी सुन्नतें और आदाब है लेकिन अफ़सोस मदनी माहौल से दूर रहने के बाइस मुसलमनो की अक्सरियत को इस सिलसिला में कोई मालूमात नहीं होती जहाँ छींक आई वही जोर जोर से छींक लिया लेकिन इस्लामिक नजरिये से ये गलत है छींकने की भी सुन्नतें और आदाब है जो हमें शिखना चाहिए और ये जरुरी भी है |

छींक आने पर किया कहें

सैय्यदूना अब्दुल्लाह इब्ने मसउद रजिo से रिवायत है की सरकार मदीना सल्ललहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया जब किसी को छींक आए और वो शख्स (अल्हम्दुलिल्लाह रब्बुल आलेमिन) कहें (तबरानी)

छींक का जवाब फरिस्ते भी देते है |

हजरते अब्दुल्लाह इब्ने अब्बास रजिo से रिवायत है सरकार मदीना SAW ने इरशाद फ़रमाया जब किसी शख्स को छींक आए तो (अल्हम्दुलिल्लाह) कहे वहीँ फ़रिश्ते (अल्हम्दुलिल्लाह रब्बुल आलेमिन) कहते है यानि अल्लाह तआला तुझ पर रहम फरमाए |

दुआ के वक़्त छींक आजाना कबूलियत की दलील है|

बात करते वक़्त छींक का आना गवाह है और दुआ के वक़्त छींक का आजाना सच्चा गवाह है चुनाचे इस सिलसिले में रिवायत को पढ़िए और झूमिए हमारे प्यारे नबी SAW ने इरशाद फ़रमाया सच्ची बात वो है की उस वक़्त यानि बात करते वक़्त छींक आजाए तबरानी और हाकिम की रिवायत अबू हुरैरा रजिo से ये है की जब कोई बात की जाए और उसी वक़्त तो वही हक़ है और अबू नुआइन की रिवायत इन्ही से है की दुआ मांगते वक़्त छींक का अजाना सच्चा गवाह है |

छींक का जवाब देना वाजिब है |

हजरते अबू हुरैरा रजिo अल्लाहो तआला अन्हा से रिवायत है मैंने हुजूर ताजदारे दो आलम (S.A.W.) को ये फरमाते जब तुम मेसे किसी शख्स को छींक आए तो अल्हम्दुलिल्लाह कहे और उसका इस्लामी भाई या दोस्त यरहम्दुलिल्लाह कहे और जब जब उसका भाई या दोस्त (यरहम्दुलिल्लाह) कहे फिर वो शख्स (यह दी कुमुल्लाहो वा यसलीहो बालाकुम) कहे यानी तर्जुमा तुम्हे हिदायत दे और तुम्हारी इश्लाह फरमाए |

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