Darood E Jumma In Hindi | जूमआ के नमाज़ के बाद पढ़े जाने वाली दरूद शरीफ


Darood E Jumma In Hindi जूमआ के नमाज़ के बाद पढ़े जाने वाली दरूद शरीफ : अस्सलामु अलैकुम वरहमतुल्लाह वबरकाताहु हमारे प्यारे मुसलमान भाई और बहने और बुजुर्गो इस्लाम में जुमा के दिन को काफी सुनहरा दिन माना जाता है और है भी जुम्मा के दिन पुरे दुनिया का मुसलमान जुमा का नमाज़ अदा करता है जुमा का दिन हर मुसलमान के लिए ख़ास दिन होता है तो आज हम जुमा के नमाज़ के बाद पढ़े जाने वाले दरूद शरीफ और उसके नेमतों और उसके पढ़ने से होने वाले फायदे के बारे में बात करेंगे जिससे आप मेसे कितने हाजरात महरूम होंगे और ज्यादा इस्लामिक जानकारी के लिए आप हमेशा google पर Duanamaz.Com ही Search करें | all Study Metarial, PDF, Current Affairs, Railways Information, Availble Here Sarkarijobseva.com

Darood E Jumma In Hindi

बिस्मिल्लाह हिर्रहमां निर्रहीम

Darood E Jumma जो सख्स हुजूरे अक़दस सल्लल्लाहु तआला अलैहि वस्सल्लम से सच्ची मोहब्बत रखे तमाम जहान से ज्यादा हुजूर की अजमत अपने दिल में जमाये हुजूर की शान घटाने वालों बद्द मजहबों से बेजार और उन से दूर रहे वो शख्स अगर इस दरूद मकबूल को हर रोज या बरोजे जुमा या बाद नमाज़ फज़र या बाद नमाज़ जूमआ मदीना तैयबा के जानिब यानि क़िबला के जानिब खड़े होकर अगर कोई शख्स ये दरूद शरीफ पढ़े तो इन्शाह अल्लाह बेशुमार सवाब का हकदार होगा |

अल्लाह तआला ने फ़रमाया है जो शख्स तहे दिल से इस दरूद शरीफ को एक मर्तबा पढ़ेगा उसे सौ मर्तबा दरूद शरीफ पढ़ने का सवाब मिलेगा और जिसने सौ मर्तबा दरूद पढ़ा गोया दस हजार मर्तबा दरूद पढ़ने का सवाब पाएगा और सबसे बेहतर ये है की बाद नमाज़े जुमाआ के दो चार दस बिस शख्स मिल कर इस दरूदे पाक को पढ़ें |

दरूद ए जूमआ को पढ़ने के चालीस फायदे

दरूद ए जूमआ को पढ़ने के चालीस फायदे है जो मुअतबर हदीसों से साबित है यहाँ हमने चंद जिक्रो को ब्यान क्या है जिसके बारे में हर मुसलमान भाई और बहनो को जानना बहुत जरुरी है और जानना ही नहीं इस पर अमल करना भी बहुत जरुरी है तो चलिए हम निचे उन चंद चिकरो को ब्यान करते है जिसे आप ध्यान से पढ़ें की हम मुसलमांनो को अल्लाह तआला कितने नेमतों से नवाजा है |

1. इस दरूद शरीफ पढ़ने वालों पर खुदाए तआला तीन हजार रहमतें नाजिल फरमाएगा |

2. उस शख्स पर दो हजार बार खुदाया तआला अपना सलाम भेजेगा |

3. पांच हजार नेकियां उस शख्स के नामए आमाल में लिख दिया जायगा |

4. पांच हजार गुन्नाह उसके माफ़ कर दिए जाएंगे |

5. उस सख्स के पेशानी यानि माथे पर लिख दिया जायगा की ये दोजख से आजाद है |

6. अल्लाह उसे कयामत के दिन शहीदों के साथ रखेगा |

7. उसके माल में तरक्की और बरकत कर दिया जायगा |

8. उसकी औलाद और औलाद की औलाद में बरकत देगा |

9. उसके दुश्मनो को ग़लबा देगा

10. उसके दिलों में हमेशा हमेशा मुहब्बत रखेगा |

11. किसी दिन ख्वाब में बरकतें जियारतें अक़दस से मुशर्रफ होगा |

12. ईमान पर ख़ातिमा होगा |

13. कयामत के दिन हुजूर की शफाअत नशीब होगी |

14. अल्लाह तआला उस शख्स से ऐसा राजी होगा की कभी नाराज नहीं होगा |

दरूद शरीफ दरूद ए जुमाआ हिंदी में

सल्लल्लाहु अलन नबीइल उममीये व आलिहि सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सलातवं सलामन अलै क या रसूल्लल्लाह “

हमारे प्यारे मुसलमान भाई और बहनो अगर आपको ये Information अच्छा लगे तो इसे दुसरो को शेयर जरूर करें और इस इस्लामिक Information को दुसरो तक पहुंचा कर सवाबे दारैन में इजाफा करें | अल्लाह हाफ़िज़


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