अल्लाह से खौफ खाना और उसका तरीका हिंदी

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Allah se khauf khana or uska tarika – अल्लाह तआला ने फ़रमाया है की मुझसे डरो और खौफ एक ऐसी अच्छी चीज है की उसकी बदौलत इंसान गुनाहो से बचता है तरीका इसका यही है जो तरीका तौबा का है अल्लाह तआला के अजाब को सोचा करें याद किया करें|

तौबा ऐसी अच्छी चीज है की इससे बड़े से बड़ा गुनाह मुवाफ़ हो जाते है और जो शख्स अपनी गौर करेगा तो हर वक़्त कोई न कोई बात की हो जाती है जरूर तौबा को हर वक़्त जरुरत समझेगा तरीका इसका हासिल करने का यही है की क़ुरआन व हदीस जो अजाब के डरावे गुनाहो पर आये है उनको याद करो और सोचो इससे गुनाह करने से आपका दिल खौफ ज़दा होगा|

Allah se ummid rakhna

अल्लाह तआला ने फ़रमाया है की तुम हक़ तआला के रहमत से ना उम्मीद मत हो और उम्मीद एक ऐसी अच्छी चीज है की इससे नेक काम करने के लिए दिल बढ़ता है और तौबा करने की हिम्मत आती है इसका का भी तरीका यही है की अल्लाह की रहमतों को याद करो और सोचो|

Sabr karna or uska tarika  

नफ़्स को दीन की बात पर पाबंद रखना और दीन के खिलाफ उससे कोई काम ना होने देना इसको सब्र कहते है और इसके कई मौके हैं|

एक मौका यह की जब कोई शख्स चैन अमन की हालत में हो अल्लाह तआला ने उसे अच्छी सेहत दी हो और माल व दौलत इज्जत व आबरू से नवाजा हो तो ऐसे वक़्त का सब्र यह है की आप अल्लाह के खिलाफ ना जाएँ अल्लाह को ना भूल जाएँ किसी भी गरीब को फ़क़ीर व लाचार ना समझें उनके साथ नरमी से पेश आएं और उन अहसान करते रहें|

दूसरा मौका इबादत का वक़्त है क्योंकि उस वक़्त नफ़्स सुस्ती करता है जैसे नमाज़ के लिए उठने में नफ़्स कंजूसी करता है इसी तरह जकात व खैरात देते वक़्त ऐसे मौको पर तीन तरह का सब्र करना चाहिए एक इबादत से पहले की नियत दुरुस्त रखें अल्लाह के ही वास्ते वो काम करें नफ़्स की कोई गरज ना हो|

दूसरा इबादत के वक़्त की कम हिम्मती न हों जिस तरह इबादत का हक़ है उसी तरह से इबादत करें तीसरी इबादत के बाद की उसको किसी के सामने जिक्र न करें|

तीसरा मौका ये है की गुन्नाह का वक़्त है उस वक़्त का सब्र यह है की नफ़्स को गुनाह करने से रोकें खुदा ए करीम के अजाब से दरें और उसे याद करें|

Allah Ka Sukr Karna or Uska Tarika

अल्लाह (Allah) तआला की नेमतों से खुस हो कर अल्लाह तआला की मुहब्बत दिल में पैदा होना और उस मुहब्बत से यह शैक होना की जब वह हमको ऐसी ऐसी नेमतों से नवाज ते हैं तो उनकी खूब इबादत किया करो और ऐसी नेमतों से नवाजने वालों की ना फ़रमानी करना बड़े ही सरम की बात है|

इसका यह खुलासा है की शुक्र का ये जाहिर है की बन्दे पर हर वक़्त खुदा ए करीम की हजारो नेमतें हैं अगर कोई मुसीबत भी है तो उसमे भी बन्दों का फायदा ही है इसका मतलब ये हुवा की ये भी एक नेमत है जब हर वक़्त नेमत है तो हर वक़्त दिल में यह खुसी और मुहब्बत अल्लाह के लिए रहना चाहिए|

अल्लाह पर भरोसा रखना और उसका तरीका

इस बात का इल्म हर मुसलमान को है की अल्लाह तआला के इरादे के अलावा न कोई नफा दे सकता है न कोई नुकसान पहुंचा सकता है इस लिए जरुरी हुआ की जो काम करें अपने उपाए पर भरोसा न करें हमेसा उम्मीद अल्लाह पर करें किसी मखलूक पर ज्यादा उम्मीद न करें|

न किसी से ज्यादा डरें बसयह समझ लें की खुदा के चाहने के अलावा कोई कुछ नहीं कर सकता है इसको भरोसा और तवक्कुल कहते हैं तरीका इसका वही है की अल्लाह (allah) तआला की कुदरत और हिकमत को हर मखलूक को न चीज होने को खूब सोचे और याद करें|

अल्लाह से मुहब्बत और उसका तरीका

खुदा ए करीम की तरफ दिल का खींचना और अल्लाह तआला की बातों को सुनकर और उनके कामों को देख कर दिल को सुकून मिलना मजा आना इसको अल्लाह से मुहब्बत करना कहते हैं तरीका इसका यह है की अल्लाह तआला का नाम जितना ज्यादा से ज्यादा लिया करें और उनकी खूबियों को याद किया करें|

अल्लाह के हुक्म पर राजी रहना

जब मुसलमान को ये मालुम है की अल्लाह तआला के तरफ से जो कुछ होता है सब में बन्दों का ही फायदा और स्वाब है तो हर बात पर राजी रहना चाहिए न कभी भी घबराएं और न शिकायत हिकायत करें तरीका इसका यही की जो कुछ भी अल्लाह करता है वो उसके बन्दों के लिए बेहतर है|

नाज़रीन अगर आपको ये इनफार्मेशन अच्छा लगा हो तो सदका ए जारिया की नियत से ज्यादा से ज्यादा शेयर करें

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