MANNAT MANNE KA TARIKA OR BYAN IN HINDI

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Mannat Mangne ka tarika : किसी काम पर इबादत की आपने कोई (mannat) मन्नत मानी फिर वो काम यानी मन्नत पूरी हो गयी जिसके लिए मन्नत मानी थी तो अब आपको मांगे हुवे मन्नत को पूरा करना वाजिब है|

अगर आपने माने हुवे मन्नत को पूरा नहीं किया तो आप यक़ीनन गुनाह गार होंगे लेकिन अगर कोई बेकार सी मन्नत हो जिसका शरीअत में कोई एतेबार नहीं तो उस मन्नत को पूरा करना वाजिब नहीं है जैसा की हम निचे के आर्टिकल्स में ब्यान करते है|

अगर किसी शख्स ने कहा या अल्लाह मेरा फलां काम पूरा हो जायगा तो मैं पांच रोज़ा रखूँगा या रखूंगी तो जब वो काम पूरा हो जाए तो आपको वो पांच रोज़े रखने होंगे और अगर वो काम पूरा नहीं हुआ तो न रखें|

मन्नत (mannat) मांगने का तरीका और मशलें हिंदी

लेकिन अगर आपने सिर्फ इतना ही कहा है यानी मन्नत मानी है पांच रोज़ा रखूँगा या रखूंगी तो अख्तियार है चाहे आप पांचो रोज़ा लगा तार रखें या फिर गैप कर कर रोज़ा रखें ये दोना तरीका सही है और अगर नजर करते वक़्त यह कह दिया की पांच रोज़े लगातार रखूँगा या रखूंगी तो आपको लगातार रोज़ा रखना होगा एकादा बिच में अगर रोज़ा छूट जाय तो आपको फिर से पांच रोज़ा रखने पड़ेंगे|

अगर कोई शख्स यूँ कहे की या अल्लाह मेरा फलां काम हो जायगा तो मैं जुम्मा का रोज़ा रखूँगा या फिर रखूंगी या फिर मुहर्रम के पहली तारीख से दसवीं तारीख तक रोज़ा रखूंगी या रखूँगा तो ख़ास जुम्मा का रोज़ा रखना वाजिब नहीं है|

और मुहर्रम की ख़ास इन्ही तारीख को रोज़ा रखना वाजिब नहीं है आप जब चाहे दस रोज़ा रख सकते है लेकिन ध्यान रखें की दसों रोज़ा लगातार रखें चाहे आप मुहर्रम में रखें या फिर किसी और दिन लेकिन लगातार रखें|

इसी तरह अगर यह कहा की मेरा फलां काम हो जाए तो कल ही रोज़ा रखूँगा या रखूंगी तब भी अख्तियार है जब चाहे रोज़ा को रख सकते है|

किसी ने नजर करते वक़्त यूँ कहा की मेरा फलां काम मुकम्मल हो जायगा तो मैं मुहर्रम के महीने में रोज़ा रखूँगा या रखूंगी तो उस शख्स को मुहर्रम के पुरे महीने लगातार रोज़ा रखने पड़ेंगे अगर बिच में किसी वजह से दो चार रोज़े छूट जाए तो उसके बदले छूटे हुवे रोज़ों को रख सकते है सिर्फ छूटे हुवे रोज़ा रखें पूरा रोज़ा न दोहराएं लेकिन शरीयत ये है की कोई भी रोज़ा रखें तो लगातार रखें छोड़ छोड़ कर न रखें|

मन्नत (mannat) में मानी गयी नमाज़ को कैसे अदा करें

अगर किसी शख्स ने मन्नत मानी की मेरी खोई हुवी चीज मुझे वापस मिल जाए तो मैं आठ रकअत नमाज़ पढूंगा या पढूंगी तो उस सामान के मिल जाने पर आठ रकअत नमाज़ पढ़नी पड़ेगी इसका तरीका ये है की चाहे आप आठों रकअतों की नियत एक बार बाँध लें या फिर चार चार रकअत की बांधें या फिर आप दो दो रकअत की भी नियत बाँध सकते है ये भी अख्तियार में है|

और अगर चार रकअत की मन्नत मानी है तो चारों एक ही सलाम से पढ़नी होगी दो दो रकअत पढ़ने से नजर अदा नहीं होगी क्योंकि इसका मुकम्मल तरीका यही है|

मिस्कीन को खाना खिलाने का ब्यान

अगर किसी शख्स ने मन्नत मानी की मेरा फलां काम हो जायेगा तो मई दस मिस्कीन को खाना खिलाऊंगा या खिलाऊंगी तो अगर दिल में कुछ ख्याल है की एक वक़्त या दो वक़्त खाना खिलाऊंगा तब तो इसी तरह खिलाएं अगर किसी वक़्त का कोई इरादा नहीं क्या है तो दो वक़्त का खाना दस मिस्कीन को खिला दें|

अगर कच्चा अनाज देने का इरादा हो तो इसका भी यही तरीका है अगर दिल में कुछ ख्याल था की हर एक को इतना इतना अनाज देना है उसी हिसाब से दें अगर दिल में कोई ख्याल नहीं था तो हर एक को इतना दें जितना हमने सदका ए फ़ित्र में दिया जाता है|

मान लो अगर किसी ने इस तरह मन्नत मानी की मेरा ये काम अच्छे से हो जाए तो मई फकीरों को दस रूपए की रोटी बाटूंगा या बाटूंगी तो अख्तियार है चाहे तो आप दस रूपए की रोटी दे दें चाहे तो फिर दस रूपए की कोई और चीज दे दें या फिर दस रूपए नकद दे दें|

मन्नत (mannat) में मानी गयी जानवर जिबह करने का ब्यान

अगर किसी शख्स ने ये मन्नत मानी की मेरा भाई या बाप या माँ को इस बिमारी से निजात मिल जाएगा तो मैं एक बकरी जिबह करूँगा तो मन्नत हो गयी अगर इस तरह मन्नत (mannat) मानी की मैं कुर्बानी करूँगा तो क़ुरबानी के दिनों में कुर्बानी करनी चाहिए और in दोनों शक्लों में उसका गोश्त फकीरों के अलावा और किसी को देना या फिर खुद खाना ठीक नहीं है जितना खुद खाया या अमीरो में बांटा उतना फिर से खैरात करना होगा|

अगर मन्नत में किसी ख़ास बड़े जानवर को करने का इरादा कर लिया हो जैसे गाये भैंस या ऊंट और फिर वो जानवर नहीं मिल पाया तो उसके जगह पर सात बकरियां का कुर्बानी कर दें ये भी अख्तियार में है|

अगर आपने किसी भी तरह की मन्नत मानी है तो उस मन्नत को पूरा करना आप पर वाजिब हो जाता है अगर आपको उस मन्नत को पूरा करने की उस वक़्त या उन दिनों हैसियत न हो या किसी तरह की कोई मज़बूरी हो तो उसे आप बाद में भी पूरा कर सकते है लेकिन उसे पूरा जरूर करें|

नाज़रीन अगर आपको ये इनफार्मेशन अच्छा लगा हो तो सदका ए जारिया की नियत से ज्यादा से ज्यादा शेयर करें

 

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