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Istikhara ki Namaz Ka Tarika In Hindi

Istikhara ki namaz ka tarika

 

Istikhara ki namaz ka tarika in hindiइस्तिखारा की नमाज़ का तरीका और नियत

  • नाजरीन जब किसी भी काम को करने का आपका इरादा हो जाए कोई भी अहम् काम पेश आ जाए और आपका जहन किसी एक तरफ मुत्मइन न हो यानी ये की आपका जहन कश्मकश में पढ़ जाए की आपको वो काम करना चाहिए या नहीं तो उस वक़्त में आप दो रकअत नमाज़ ए इस्तीखरा अदा करें|

इस नमाज़ को यानी इस्तिखारा की नमाज़ को किस तरह अदा करना है इसकी मुकम्मल जानकारी निचे के पोस्ट में बताया गया है आप मेहरबानी करके इस पोस्ट को पूरा पढ़ें|

  • जब कोई जायज काम करने का इरादा हो जाए तो उस काम को करने के लिए अल्लाह तआला से  सलाह लेने को इस्तीखरा ( Istikhara ) कहते है|

हदीस में इस्तिखारा का ब्यान

  • हदीस शरीफ में ऐसा करने पर बहुत उभारा गया है हमारे प्यारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वस्सल्लम ने इरशाद फ़रमाया है की अल्लाह तआला से सलाह न लेना और इस्तीखरा ( Istikhara ) न करना बदबख्ती और कम नसीबी की बात है|
  • आप कोई भी जायज काम करें जैसे कहीं मंगनी करें या शादी ब्याह करें या फिर सफर करें या फिर कोई और काम करें तो बिना इस्तीखरा ( Istikhara ) किये ना करें यानी ये की इन सब काम को अंजाम देने से पहले अल्लाह से सलाह जरूर ले लें तो इन्शाह अल्लाह तआला कभी अपने किये पर सर्मिन्दा न होना पड़ेगा|

इस्तिखारा (Istikhara) की नमाज़ का तरीका और नियत

नियत:- नियत की मैंने दो रकअत नमाज़ नफिल इस्तीखरा की वास्ते अल्लाह तआला के रुख मेरा काबा शरीफ के तरफ अल्लाहु अकबर

  • सबसे पहले आप सना पढ़ें यानि  सना सुब्हानका अल्लहुमा वबी हमदिका
  • दूसरा ताउज पढ़ें यानि के आउज़ बिल्लाहे मिन्नस सैतानिर्रजिम पढ़ें |
  • अब (सूरह फातिहा) पढ़ें यानि अल्हम्दु लिल्लाह पढ़ें |
  • अब आप क़ुरान शरीफ की कोई एक सूरह पढ़ें |
  • उसके बाद आपअल्लाहु अकबर कहते हुवे रुकू में जाएँ रुकू में जाने के बाद कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें
  • फिरसमी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक मर्तबा रब्बना लकल हम्द भी कहें |
  • फिर आपअल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनो सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दूसरे रकात के लिए खड़े हो जाएँ|

इस्तिखारा की नमाज़ की दूसरी रकअत

  • फिर आपअल्लाहु अकबर कहते हुवे दूसरे रकात के लिए खड़े हो जाएँ दूसरे रकात में सिर्फ आप बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम पढ़ कर सूरह फातिहा यानि अल्हम्दु लिल्लाह पढ़ें इसके बाद क़ुरान शरीफ का कोई एक सूरह पढ़ें|
  • इसके बाद आप रुकू के लिए जाएँ और जैसा की हमने पहले भी बताया है रुके में कम से कम तीन मर्तबासुब्हान रब्बिल अजीम कहें |
  • फिरसमी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक बार रब्बना लकल हम्द भी कहें |
  • फिर आपअल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनो सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें फिर आप अल्लाहु अकबर कह कर अपने पंजो पर बैठ जाएँ जैसे नमाज़ में बैठते है | फिर
  • सबसे पहले एक मर्तबा अत्तहियातु लिल्लाहि पढ़ते हुवे अपने शहादत के ऊँगली को उठायें |
  • उसके बाद एक मर्तबा दरूद शरीफ पढ़ें |
  • उसके बाद एक मर्तबा दुआ ए मासुरा पढ़ें |
  • और फिर सलाम फेरें अस्सलामो अलैकुम वरहमतुल्लाह पहले दाएं जानिब मुंह फेरे फिर अस्सलामो अलैकुम वरहमतुल्लाह बाएं जानिब मुंह फेरें |

Note: इस तरह आपकी (Istikhara ki namaz) की दो रकअत नफ़्ल मुकम्मल हो गयी और जब आपका नमाज़ मुकम्मल हो जाए तो आप खूब दिल लगा कर istikhara इस्तिखार की दुआ पढ़ें|

इस्तीखरा (Istikhara) की दुआ हिंदी में 

अल्लाहुम्मा इन्नी अस्ताखीरुका बीइलमीका  असतक्दीरुका बीक़ुदरतिका अस अलुका मीन फ़ज़्लिका अलअज़ीम इन्नका तक़्दीरु वाला अक़्दीरु तालामु वाला लामु अंता अल्लामुघुयुब . अल्लाहुम्मा इन कुंता तालम अन्ना हाज़ – ल अमरा खैरुन ली फि दिनी माँ अशी आक़िबति अमरि फ़क़दिरहु ली यस्सीरहु सुम्मा बारीक ली फिहि  इन कुंता तालामु अन्ना हु शररुन फि दिनी माँ अशी आक़िबति अमरि अस्रीफहु अन्नी वास्रिफ़नी अन्हुवाक्दिर ली अलखैरा हैसु का सुम्मा अररिज़ज़नी बिहि

Note: जब आप इस्तिखारा की दुआ पढ़ते पढ़ते आप दुआ नियत अन्ना हाज़ अमरा पिंक कलर के निसान के पास पहुंचे तो जिस नियत से आप इस्तिखारा कर रहे है उसको अपने जेहन में लाएं या जुबान से बोल दें इसके बाद आगे की दुआ पूरा करें|

 Click here:- फातिहा करने का तरीका

इस्तीखरा (Istikhara) की दुआ इन अरबिक

اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْتَخِيرُكَ بِعِلْمَكَ، وَأَسْتَقْدِرُكَ بِقُدْرَتِكَ، وَأَسْأَلُكَ مِنْ فَضْلِكَ الْعَظِيمِ، فَإِنَّكَ تَقْدِرُ وَلَا أَقْدِرُ، وَتَعْلَمُ، وَلَا أَعْلَمُ، وَأَنْتَ عَلَّامُ الْغُيُوبِ، اللَّهُمَّ إِنْ كُنْتَ تَعْلَمُ أَنَّ هَذَا الْأَمْرَ- خَيْرٌ لِي فِي دِينِي وَمَعَاشِي وَعَاقِبَةِ أَمْرِي- عَاجِلِهِ وَآجِلِهِ- فَاقْدُرْهُ لِي وَيَسِّرْهُ لِي ثُمَّ بَارِكْ لِي فِيهِ، وَإِنْ كُنْتَ تَعْلَمُ أَنَّ هَذَا الْأَمْرَ شَرٌّ لِي فِي دِينِي وَمَعَاشِي وَعَاقِبَةِ أَمْرِي- عَاجِلِهِ وَآجِلِهِ- فَاصْرِفْهُ عَنِّي وَاصْرِفْنِي عَنْهُ وَاقْدُرْ لِيَ الْخَيْرَ حَيْثُ كَانَ ثُمَّ أَرْضِنِي بِهِ

इस्तीखरा (Istikhara) की दुआ इन इंग्लिश

Allahumma Inni Astakhiruka Bi-ilmika, Wa Astaqdiruka bi-qudratika, Wa As’aluka Min Fazlika Al-`azim ,Fa-innaka Taqdiru Wala Aqdiru, Wa ta-lamu Wala a’lamu, Wa anta ‘allamu-l-ghuyub. ,Allahumma, In kunta Ta-lam Anna Haza-L Amra Khairun Li Fi Dini Wa-Ma’ashi Wa-aqibati `Amri Faqdirhu Lee Wa Yassirhu Summa Baarik Li Fihi, Wa in kunta Ta-lamu Anna Hu shar-run Fi Dini Wa-Ma’ashi Wa-aqibati Amri Fasrifhu Anni Was-rifni Anhu. Waqdir Li Al-khaira Haisu kaa -na Summa Arrizzni Bihi.

इस्तिखारा की नमाज़ का वक़्त

इस्तिखारा की नमाज़ का कोई वक़्त मुक़र्रर नहीं किया गया लेकिन फिर भी आप मकरूह वक़्त को छोड़ कर आपको जब मुनासिब लगे चाहे दिन हो या फिर रात आप अदा कर सकते हैं|


Click here:- इस्तिखारा की दुआ हिंदी

दोस्तों इस इस्लामिक मालूमात को जितना ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि ये इनफार्मेशन दुसरो को भी मालुम हो जाएँ आई ये हम और आप मिलकर अच्छी बातें फैलातें है क्यू की अच्छी बाते फैलाना भी सदका ए जारिया है|

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