Salatul hajat namaz ka tarika | Salatul hajat ki dua in hindi

Salatul Hajat Namaz Ka Tarika – Salatul Hajat Ki Dua


Salatul Hajat namaz ka tarika

मेरे प्यारे इस्लामिक भाइयो और बहनो अस्सलामो अलैकुम आज हम इस पोस्ट में बात करेंगें सलातुल हाजत नमाज़ का तरीका (salatul hajat namaz ka tarika) और हाजत की दुआ hajat ki dua की फ़ज़ीलत क्या है इसको भी आप जरूर जाने और इस पर अमल जरूर करें |

हजरत अब्दुल्लाह बिन अबी औफा रजिअल्लाहु अन्हु से रिवायत है की अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वस्सलल्लम ने इरशाद फ़रमाया की जिसे अल्लाह से कोई हाजत हो या किसी बन्दे से कोई हाजत हो तो सबसे पहले अच्छे से वज़ू कर के फिर दो रकअत नमाज़ पढ़ कर अल्लाह की तारीफ़ करें और नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वस्सलल्लम पर दरूद पढ़ें और फिर अल्लाह से दुआ मांगे|

सलातुल हाजत की नमाज़ (Salatul hajat namaz) को जरुरत की नमाज़ भी कहते है इस नमाज़ को कब पढ़ें अदा और कैसे पढ़ें इसकी पूरी जानकारी इन्शाह अल्लाह दी गयी है ये नमाज़ ए हाजत हदीस ए मुबारक से साबित है नबी ए पाक सल्लल्लाहु तआला अलैहि वस्सल्लम की बारगाह में जब शहाबा आते थे और जब अपनी कोई जरुरत या हाजत बयान करते थे तो हुजूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वस्सल्लम उन्हें दो रकअत नमाज़ जिसे सलातुल हाजत salatul hajat namaz कहते है उसकी तरग़ीब दिया करते थे और शहाबा एकराम उस पर अमल करते थे|

(Salatul hajat namaz) ka tarika aur timing

सलातुल हाजत की नमाज़ salatul hajat namaz का कोई time समय मुक़र्रर नहीं क्या गया है इस नमाज़ को आप तभी पढ़ें जब आपको हाजत मांगनी हो हाजत का मतलब (wish) इक्छा होती है हाजत नमाज़ भी आम नमाज़ की तरह होती है ये नमाज़ आम नफिल नमाज़ की तरह पढ़ें और पढ़ने के बाद अल्लाह तबारक व तआला से अपनी नेक और जायज हाजत को मांगे निचे हमने हाजत की दुआ को लगा दिए है जिसे आपको नमाज़ पढ़ने के बाद दुआ मांगना है |


Click here :- दरूद ए ताज हिंदी और उर्दू में

सलातुल हाजत नमाज़ salatul hajat namaz की नियत और तरीका हिंदी में

नियत की मैंने दो रकात नमाज़ सलातुल हाज़त की वास्ते अल्लाह तआला के रुख मेरा काबा शरीफ के तरफ अल्लाहु अकबर कह कर नियत बाँध लें |

सबसे पहले आप सना पढ़ें यानि सना सुब्हानका अल्लहुमा वबी हमदिका
दूसरा ताउज पढ़ें यानि के आउज़ बिल्लाहे मिन्नस सैतानिर्रजिम पढ़ें |
अब सूरह फातिहा पढ़ें यानि अल्हम्दु लिल्लाह पढ़ें |
अब आप क़ुरान शरीफ की कोई एक सूरह पढ़ें |
उसके बाद आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे रुकू में जाएँ रुकू में जाने के बाद कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक मर्तबा रब्बना लकल हम्द भी कहें |

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनो सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दूसरे रकात के लिए खड़े हो जाएँ|

सालतुल हाजत नमाज़ salatul hajat namaz का मुकम्मल तरीका

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दूसरे रकात के लिए खड़े हो जाएँ दूसरे रकात में सिर्फ आप बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम पढ़ कर सूरह फातिहा यानि अल्हम्दु लिल्लाह पढ़ें इसके बाद क़ुरान शरीफ का कोई एक सूरह पढ़ें|

इसके बाद आप रुकू के लिए जाएँ और जैसा की हमने पहले भी बताया है रुके में कम से कम तीन मर्तबा सुब्हान रब्बिल अजीम कहें |

फिर समी अल्लाह हुलेमन हमीदा कहते हुवे खड़े हो जाएँ जब आप अच्छे से खड़े हो जाएँ तो एक बार रब्बना लकल हम्द भी कहें |

फिर आप अल्लाहु अकबर कहते हुवे दोनो सजदे के लिए जाएँ सजदे के दरमियान कम से कम आप तीन मर्तबा सुब्हान रब्बि यल आला कहें फिर आप अल्लाहु अकबर कह कर अपने पंजो पर बैठ जाएँ जैसे नमाज़ में बैठते है | फिर

सबसे पहले एक मर्तबा अत्तहियातु लिल्लाहि पढ़ते हुवे अपने शहादत के ऊँगली को उठायें |
उसके बाद एक मर्तबा दरूद शरीफ पढ़ें |
उसके बाद एक मर्तबा दुआ ए मासुरा पढ़ें |
और फिर सलाम फेरें अस्सलामो अलैकुम वरहमतुल्लाह पहले दाएं जानिब मुंह फेरे फिर अस्सलामो अलैकुम वरहमतुल्लाह बाएं जानिब मुंह फेरें |

Salatul hajat ki dua – सलातुल हाजत की दुआ हिंदी (salatul hajat namaz) ka tarika

ला इला ह इल्लल्लाहुल हलीमुल करीमु सुब्हानल्लाहि रब्बिल अर्शिल अज़ीम वल हम्दु लिल्लाहि रब्बिल आलमीन असअलु क मुज़िबाति रहमति क व अजाइम मग्फ़िर ति क वल गनी म त मीन कुल्ली बिररिव वस्सला म त मीन कुल्लि इस्मिन ला तदअ ली जम्बन इल्ला गफर तहु व ला हम्मन इल्ला फर्रज तहु व ला हा ज तन ही य ल क रीजन इल्ला क जै त हा या अर्हमर्राहिमिन

हाजत की दुआ का तर्जुमा हिंदी में

अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं है जो अलीम व करीम है अल्ला पाक है जो बड़े अर्श का रब है और सब तारीफे अल्लाह के लिए ऐ अल्लाह मई तुझ से तेरी रहमत की वाजिब करने वाली चीजों का और उन चीजों का सवाल करता हूँ जो तेरी मगफिरत को जरुरी का दें और हर भलाई में अपना हिस्सा और हर गुनाह से सलामती चाहता हूँ ऐ सबसे बड़े रहम करने वाले मेरा कोई गुनाह बख्शे बगैर और कोई रंज दूर किये बगैर और कोई हाजत जो तुझे पसंद हो पूरी किये बगैर न छोड़ 


Click here :- दरूद ए इब्राहिम हिंदी

आपने आज क्या सीखा

नाज़रीन अगर आपको ये (salatul hajat ki dua) इनफार्मेशन अच्छा लगा हो तो सदका ए जारिया की नियत से ज्यादा से ज्यादा शेयर करें|

Leave a Comment