ahad nama | अहद नामा की फ़ज़ीलत हिंदी & उर्दू में

अल्लाह के नबी सल्लाहु अलैहि वसल्लम फरमाते है के जो शख्स अपने जिंदगी के अंदर सिर्फ एक मर्तबा अहद नामा ahad nama को पढ़ ले और अगर जब ओ दुनिया से जायेगा तो ईमान के साथ जायेगा अल्लाह के नबी ऐ करीम सल्लाहु अलैहि वसल्लम फरमाते है के मैं उसका जामिन बनजाऊंगा

ahad nama – अहद नामा हिंदी & उर्दू में

बिस्मिल्ला हिर्रहमा निर्रहीम

आपके सुविधा के लिए हमने अहद नामा हिंदी और अरबिक में निचे अपलोड कर दिए है जिससे आप आसानी से पढ़ सकें और उसकी फ़ज़ीलतों को भी समझ सकें |

ahad nama
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अल्लाहुम्मा फ़ातिरस्समावाती वल अरदी आलिमल गैबी वश शहादती अंतर रहमानुर रहीम अल्लाहुम्मा इन्नी अ अहदू इलैका फी हजिहिल हया तीद दुनिया अशहदू अल्लाइलाहा इल्ला अंता बहदका ला शरिका लका व अशहदू अन्ना मोहम्मदन अब्दुका व रसूलुका फला तकिलनी इला नफ़्सी फ़ इन्नका इन तकिलनी इला नफ़्सी टुकररीबनी इलश शर्री व तूबाइदनी मीनल खैरी व इन्नी ला अत्ताकिलू इल्ला बी रहमतिका फ़ज़ अल ली इनदका अहदन तुवफ़्फीही इला यौमिल कियामती इन्नका ला तुखलीफ़ुल मिआद व सल्लल्लाहु तआला अला खैरी खलकीही मुहम्मदिन व आलिहि व असहाकिहि अजमाइन बिरहमतिका या अरहमर राहीमीन

ahad nama – अहद नामा और उसकी फ़ज़िलतें 

हजरत जाबिर रदियल्लाहु ता अ ला अन्हो फरमाते है के मैं नबी करीम सल्लाहु अलैहि वसल्लम से सुना है के दुनिया के अंदर 3000 बीमारियां है जिसमे से 1000 बीमारी का जो इलाज है ओ हकीमो के पास है और 2000 बीमारी का कोई दवा नहीं और नहीं इलाज जो शख्स अहद नामा को अपने पास रखेगा 3000 बीमारी से महफूज रहेगा |

सय्यिदना अबू बक्र सिद्दीक़ रदियल्लाहु अन्हो फरमाते है के जो शख्स अपने पास या अपने घर में अहद नामा रखेगा उस शख्स को या उसके घर को सांफ बिच्छू जादू डैन नजर बंद से अल्लाह बारक़ व तआला महफूज रखेगा

खातूने जन्नत हज़रते फातिमा ज़ुहरा रज़ियल्लाहु तआला अन्हा फरमाती हैं कि अल्ला के नबी करीम सल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया के जो कोई शख्स इस अहद नामा को पानी में घोल कर किसी बीमार इंसान को पिलाया जाये तो ओ शख्स सही हो जायेगा और किसी को जेहन काम हो उसे पढ़ने में मन नहीं लगता हो तो उसे भी पानी में घोल कर पीला दिया जाये तो उसकी जेहन में इजाफा हो जायेगा |

ahad nama – अहद नामा क़ब्र के अंदर कियों रखते हैं

हदीस शरीफ में है की किसी भी जनाजे पर किसी तरह की सियाही या किसी और चीज से कोई आयत या कालिमा नहीं लिखना चाहिए ऐसा करने से आयत की या कालिमा की बेअदबी होती है अगर कोई आयात लिखना ही चाहते है तो जनाजे के माथे पर अपने ऊँगली से जनाजे के माथे या सिने पर कोई आयत या कलमा लिख सकते है ऐसा करने से क़ब्र में बरकत होती है हदीस शरीफ में फ़रमाया गया है के अगर जनाजे के साथ अहद नामा को कब्र में रख दिया जाये तो उस कब्र का गुनाह उठा लिया जाये इस अहद नामा की बहुत बड़ी फ़ज़ीलत है  |

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