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NAMAZ E JANAZA PADHNE KA ASAAN TARIKA

NAMAZ E JANAZA PADHNE KA TARIKA, नमाज़ ए जनाज़ा फर्ज़े किफ़ाया है इसका मतलब ये की यानी अगर कोई एक शख्स ने जनाज़े की नमाज़ पढ़ ली तो सब बरियलजिम हो जाएंगे और अगर किसी को मैयत की खबर मिल गयी और फिर भी वो उस जनाज़े में शामिल न हो तो सब गुनहगार के हक़दार हो जाएंगे |Namaz E Janaza

NAMAZ E JANAZA PADHNE KA TARIKA

नमाज़ ए जनाज़ का फरमान

नमाज़ ए जनाज़ा फर्ज़े किफ़ाया है इस नमाज़ में मर्द और औरत दोनों पढ़ सकते है अगर कोई एक शख्स ने जनाज़े की नमाज़ पढ़ ली तो सब बरियलजिम हो जाएंगे और अगर कोई शख्स जान भूझकर नमाज़ नहीं पढ़े तो सब गुनहगार हो जाएंगे हर मुसलमान को जनाज़े की नमाज़ में जरूर सिरकत करना चाहिए |

जनाज़े की नमाज़ ही एक ऐसी नमाज़ है जिसमे रुकू और सजदा नहीं होता है बस चार तकबीर होती है और कुछ दुआएं होती है जिनको पढ़ने के बाद सलाम फेरा जाता है |

जनाजे की नमाज़ में फर्ज दो (2) है |

1 पहला 4 चार तकबीर 

याद रखें अगर आप चार तकबीर से कम तकबीर कहतें है और सलाम फेर लिए तो आपकी जनाज़ा की नमाज़ नहीं होगी

2 खड़े होकर नमाज़ अदा करना पढ़ना यानि (क़याम करना) |

जनाजे की नमाज़ दूसरे फर्ज नमाज़ की तरह बैठ कर नहीं पढ़ सकते है हाँ अगर कोई बहुत लाचार या मजबूर है तो वो इस नमाज़ को बैठ कर पढ़ सकता है |

जनाज़ा की नमाज़ में 3 सुन्नतें है |

1 पहला अल्लाह तआला की हम्द करना

2 दूसरा दरूद पाक पढ़ना 

3 तीसरा जनाजे के लिए दुआ करना 

जनाज़े की नमाज़ की नियत ऐसे करें

पहला तकबीर :-

नियत की मैंने नमाज़ ए जनाज़ा की 4 तक्बीरो के साथ वास्ते अल्ला तआला दुआ इस मइयत के लिए पिछे इस्माम के मुंह मेरा काबा शरीफ के तरफ अल्ला हु अकबर 

या फिर ऐसे भी नियत कर सकते है

मै नमाज़े जनाज़ा की नियत करता हूँ जो नमाज़ अल्लाह के लिए है और दुआ इस जनाजे के लिए है ( इतना भी आप पढ़लें तो आपकी नियत हो जायेगी )

Namaz E Janaza padhne ka asan tarika

Namaz e janaza Ka Tarika

नियत पढ़ने के बाद अपने दोनों हाथो को कानो तक ले जाये अल्ला हु अक्बर कह कर हाथो को बांध ले और फिर सना पढ़े

  • सुब्हानका कल्लाहुम्मा वा बिहमदिका वा ताबाराकसमूका वा ताआला जद्दूका व ला इलाहा गैरूक |

दूसरा तकबीर :-  सना पढ़ने के बाद बगैर हाथो को उठाये अल्ला हु अकबर कहें फिर दरूदे इब्राहिम पढ़े

अल्ला हुम्मा सल्लिअला मुहम्मदिव व अला आली मुहम्मदिन कमा सल्लैता अला इब्राहिम व अला आल्ली इब्राहिम इन्नका हमीदुम मजीद

अल्ला हुम्मा बारिक अला मुहम्मदिव व अला आली मुहम्मदिन कमा बारकता अला इब्राहिम व अला आली इब्राहिम इन्नका हम्मिदुम मजी|

तीसरा तकबीर :- बगैर हाथो को उठाये अल्ला हु अकबर कहे ( अगर बालिग का जनाजा हो तो ये पढ़े )

अल्लाहुम्मग्फिरली हय्यिना व मय्यितिना व शाहिना व गाइबिना व सगिरिना व कबिरिना व जाकारिना व उनसाना अल्लाहुम्मा मन अहयइतहु मिन्ना फ़अहइही अल्ल इस्लामी व मन फ़तवफ़्फ़ाहू मिन्ना फ़तवफ़्फ़ाहू अललईमान  

> अगर नाबालिग लड़की का जनाजा हो तो तीसरी तकबीर के बाद ये दुआ करें

अल्लाहुम्मज् अल्हा लना फ़रातव वज्अल्हा लना अज्रव व जुख़्रव वज्अल्हा लना शाफ़िअव व मुशफ़्फाअह

आप बिना हाथो को उठाये अल्ला हु अकबर कह कर हाथ छोड़ दे और सलाम फेर दे (अस्सलामो अलैकुम व रहमतुल्ला )

फिर मय्यत के लिए दुआए मगफिरत करें

जनाज़ा नमाज़ के सलाम फेरने के बाद आप कोई भी दुआ मैयत के मगफिरत के लिए पढ़ सकते है 

 

             video credit: the islamic world

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