Tayammum-Karne Ka Tarika | तयम्मुम करने का तरीका हिंदी में

Tayammum-Karne Ka Tarika तयम्मुम करने का तरीका हिंदी में Tayammum-Karne Ka Sahi Tarika In Hindi : तमाम नाजरीनो एकराम को हमारा अस्सलामु अलैकुम वरहमतुल्लाह वबरकाताहु आज हम अपने सभी वीवर्स को तयम्मुम का मतलब और उसको करने का तरीका के बारे में बताएँगे  जब किसी इंसान के लिए पानी का इस्तेमाल करना बहुत मुश्किल हो या फिर वहां आस पास पानी का साधन न हो तो उस वक़्त अल्लाह तआला ने अपने मोमिनो पर आसानी करते हुवे तयम्मुम करने की इज़ाज़त दी है जिसको हमारे प्यारे नबी स. अ. ने अमली तौर पर किया भी है निचे के लेख में और भी अच्छे तरीके से तयम्मुम के अहकाम के बारे में ब्यान किया गया है” all PDF Current Affairs Study Material Available here Sarkarijobseva.com Click This Website

Tayammum ka tarika

 

Tayammum-Karne Ka Tarika In Hindi

बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम

उर्दू डिक्शनरी के मुताबिक तयम्मुम का मतलब इरादा करना इक्छा करना होता है इस्लाम में किसी भी हाल में मुस्लमान को पाक साफ़ रहना है इस्लाम के मुताबिक पाकि के नियत से मिटटी को अपने चेहरे और हांथो पर अच्छे तरह से मलना यानि मसह करना तयम्मुम कहा जाता है |

अल्लाह तआला ने इरशाद फ़रमाया है की अगर कभी किसी मोमिन के साथ ऐसा हो की वो बीमार हो या कोई इस्तिंजा करके आया हो या फिर कोई सफर पर हो और आपको पानी न मिले यानि के वहां पानी का कोई जरिया नहीं हो तो आप पाक मिटटी से काम ले सकते हो उस पाक मिटटी से अपने चेहरे और हांथो पर मसह कर लें बेशक अल्लाह नमो नियाजी है अपने बन्दों को बख्सने वाला है | (Surah” Nisa” 133)

तयम्मुम की कुछ शर्तें “ नमाज़ पढ़ने के वक़्त का मालूमात हो ” वक़्त के रहे हुवे पानी को तलाशा जाए ” पाक साफ़ मिटटी हो जिस पर साफ़ गुब्बार और धूल हो ” सबसे पहले नजासत को दूर करें “

किन्न वजहों में तयम्मुम करना सही है ” वहां जहाँ पानी जरा भी नहीं मिल रहा हो और पानी का दूर दूर तक कोई जरिया नहीं हो ” या पानी के इस्तेमाल करने से आपके शरीर को नुकसान हो ” जैसे आपके शरीर में जख्म हो या फिर बहुत ज्यादा ठंडी हो” या फिर पानी वहां मौजूद हो पर सिर्फ खाने या पिने जितना ही हो” उससे ज्यादा ना हो ” या फिर पानी और इन्शान के बिच किसी दुसमन का या किसी खतरनाक जानवर का खौफ हो ” वहां तयम्मुम करना जायज माना गया है |

तयम्मुम के कुछ फ़र्ज़ बातें

1. तयम्मुम करने के लिए अपने दिल में नियत करें

2. अपने चेहरे का अच्छे से मसह करें

3. दोनों हांथों की हथेलियों को मसह करना

4. (नंबर से) एक के बाद दूसरे कामों को करना

तयम्मुम की सुन्नतें

1.सबसे पहले बिस्मिल्लाह हिर्रहमां निर्रहीम

2. अपने दाएं हांथों से सुरु करें

3. अगर आप अंगूठी पहने है तो उसे उतार कर तयम्मुम करें

4. यह पढ़ें ” अश्हदो अल्लाइलाहा इल्लल्लाहो व अश्हदो अन्ना मुहम्मदन रसूलìल्लाह ”

तयम्मुम करने का तरीका

1.बिस्मिल्लाह हिर्रहमां निर्रहीम पढ़ें

2. नियत करना और अपने दिल में ही नियत करना

3. साफ़ मिटटी ले कर अपने दोनों हांथो के हथेलियों पर मसह करें

4. फिर अपने चेहरे का मसह करें ठीक उसी तरह जैसे पानी से वज़ू करते है

सबसे पहले दोनों हाथों की हथैलियों का मसह करें सुरुवात करें तो अपने बायें हाथों की उंगुलियों से दायें हाथ के पुश्त की हथैली तक मसह करे और दायें हाँथ के अंदरूनी भाग से बायें हथैली के पुश्त का मसह करें।

तयम्मुम भी ठीक उन्ही चीजों से टूट जाता है जिन कारणों से वज़ू टूट जाता है इसमें कोई शक नहीं है अच्छी मिट्टी मुसलमान को पाक करने वाली है और अगर दस साल तक पानी न मिले, और जब पानी मिल जाए तो वे अपने चमड़े को धोए, अच्छे से साफ़ करें बेशक इस में भलाई है।”  (सुनन तिर्मिज़ीः 124)

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