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Darood e taj | दरूद ए ताज हिंदी और उर्दू में तर्जुमा के साथ

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दरूद ए ताज हिंदी में और उसकी फ़ज़ीलत in हिंदी Darood e taj in hindi

दरूद ए ताज (Darood e taj) की फ़ज़ीलत बे शुमार है लेकिन मुख़्तसर तौर पर इन का बयान किया जाता है अगर कोई शख्स जियारत रसूल ए करीम सल्लाहु अलैहि वसल्लम की खवाहिश जानो दिल से रखता हो तो

अरूज़े माह में शबे जुम्मा के बाद नमाज फरागत नमाज़ ईशा के बा वजू क़िबला रुख जमा पाक खुसबू दर पहनकर एक सौ सत्तर बार इस दरूद ए ताज (darood e taj )को पढ़ कर आप सोते है गयारह रातें इसी तरह पढ़े इंशा अल्लाह ताअला हुज़ूर नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की ज्यारत से मशरूफ होगा |

और वास्ते सफाई कलब के हर रोज बाद नमाज़ फज्र के सात मर्तबा और बाद नमाज़ असर के तीन मर्तबा और बाद नमाज़ ईशा के तीन मर्तबा दरूद ए ताज (Darood e taj) पढ़ें और वास्ते दफा सहर और आसिब जान और शयातीन चेचक के और जो बीमारी इन के सिवा हो गयारह मर्तबा पढ़ कर दम करे और वास्ते कशिश रिज्क के सात मर्तबा बाद नमाज़ सुबह के हमेशा वजीफा करें |

और वास्ते बाज औरत के एक्कीस खुरमा पर सात सात दरूद ए ताज (Darood e taj) बार दम करे और रोजाना एक खुरमा को खिला दे फिर बाद गुसल व तहारत हैज के इस से खावंद हम बिस्तर हुए अल्लाह के फजल से फरजिन्दा साल ए पैदा होगा और अगर हमला को कुछ खलल जाहिर होतो सात योम तक सात मर्तबा अतर पानी पर दम कर के पिलायें |

दरूद ए ताज हिंदी टेक्सट | Darood taj in hindi 

“बिस्मिल्ला हिर्रहमा निर्रहीम”

अल्लाहुम्मा सल्ले अला सय्यिदिना व मौलाना मोहम्मदीन, साहिबित्त ताज़े वल मेराजे वल बुर्राके वल अलम
दाफेईल बलायें वल वबाई वल कहति वल मर्ज़ी वल अलम, इस्मोहु मक़तूबुम मरफ़ूउम मशफ़ुउम मनकुसुन फ़ील लौही वल क़लम, सय्यिदिल अरबी वल अज़म

जिस्मोहु मुक़द्दसुन मुअत्तरुन मुतहहरुन मुनव्वरुन फ़ील बैति वल हरम, शमशुद्दुहा बदरुददुजा सदरिलउला नूरीलहुदा कहफ़िलवरा मिस्बाहिज़ ज़ुलम

जमिलिस्सीयम शफ़ीईल उमम सहिबिल जुदी वल करम, वल्लाहु आसिमोहु जिब्रीलो खादिमुह वल बुर्राको मर्कबुहु वल मेराजो सफ़रोहु व सिदरातुल मुंतहा मकामोहु
व क़ाबा क़व्सैनी मतलूबुह वल मतलुबुह मक़सुदुह वल मक़सुदुह मोजूदुह, सय्यिदिल मुरसलीन ख़ातिमिन नबीय्यीन शफ़ीईल मुज़नबीन अनिसिल ग़रीबिन

रहमतूल्लील आलमीन राहतिल आशेक़ीन मुरादिल मुश्ताक़ीन शमशील आरिफ़िन, सिराजिस सालिकीन मिस्बाहिल मुक़र्रबीन मोहिब्बुल फुक़राए वल गुरबाए वल मसाक़ीन
सय्यिदिस शक़लैन नबिय्यील हरमैन इमामिल किब्लतैन, वसिलतना फिद्दारैन साहिबे क़ाबा कौसेन

महबूबे रब्बुल मशरीकैन व मग़रिबैन, जद्दील हसनी वल हुसैन मौलाना व मौलस शकलैन, अबिल क़ासिमि मोहम्मद इब्ने अब्दुल्लाह नूरुममिन नूरिल्लाह,या आय्योहल मुश्ताक़ुन बिनुरी जमालेही
सल्लु अलैही व आलेही व अस्हाबेहि व सल्लीमो तस्लीमा

तर्जुमा:- या ईलाही हमारे आक़ा व मौला मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर रहमत नाज़िल फ़रमा ।जो साहिबे ताज़ और मेराज़ और बुर्राक वाले और झंडे वाले है जिनके वसीले से बला वबा और क़हत (सुखा) मर्ज़ और दुख दूर होता है आप ﷺ का नाम नबी लिखा गया, बुलंद किया गया, क़बूले शफ़ाअत किया गया और लोह व क़लम में गुदा हुवा है

(Darood e taj )दरूद ए ताज हिंदी में और उसका तर्जुमा 

आप अरब व अज़म के सरदार है आप ﷺ का जिस्म निहायत मुक़द्दस ख़ुशबूदार पाकीज़ा और खाना क़ाबा व हरम पाक़ में मुनव्वर है  आप ﷺ चास्तगाह के आफ़ताब, अँधेरी रात के माहताब, बुलन्दियों के सदर नसीन, राहे हिदायत के नूर, मख़लूक़ात के जाहपनाह, अँधेरो के चराग़ नैक इतवार के मालिक़, उम्मतियों के बख़्शवाने वाले, बख़्शिश व करम से मोसूफ़ है

अल्लाह तआला आप ﷺ का निगहबान, जिब्रील आप ﷺ के ख़िदमत गुज़ार, बुर्राक़ आप ﷺ की सवारी, और मेराज़ आप ﷺ का सफर, और सिदरतुल मुंतहा आप ﷺ का मक़ाम और क़रीबे ख़ुदावन्दी में क़ाबा कौसेन का मरतबा, आप ﷺ मतलूब है,

और मतलूब ही आप ﷺ का मक़सूद है, और मक़सूद आप ﷺ को हासिल है  आप ﷺ रसूलों के सरदार है, नाबियों में सबसे आखिर, गुनाहगारों को बख़्शवाने वाले, मुसाफिरों के ग़मख़्वार दुनियाँ जहान के लिये रहमत, आशिक़ों की राहत, मुश्ताक़ों की मुराद, ख़ुदा बशनासो के आफ़ताब राहे ख़ुदा पर चलने वालों के चराग़, मुक़रीबो के रहनुमा, मोहताजों, गरिबों और मिस्कीनों से मोहब्बत रखने वाले जिन्नात और इंसान के सरदार, हरम शरीफ़ के नबी, दोनों कबीलों (बैतूल मुक़द्दस व क़ाबा) के पेशवा और दुनियाँ व आख़िरत में हमारा वसीला है, वह मरतबा जो क़ाबा कौसेन पर फ़ाइज़ है दो मशरीक़ो और दो मग़रीबों के रब के मेहबूब है हज़रत इमाम हसन व हुसैन रदिअल्लाहु अन्हु के जद्दे अमज़द, और तमाम रूह के आक़ा है ।

अबुल क़ासिम मोहम्मद बिन अब्दुल्लाह रदिअल्लाहु अन्हु, जो अल्लाह तआला के नूर में से एक नूर है ऐसे नूरे मोहम्मद ﷺ के मुश्ताक़ों आप ﷺ पर और आप ﷺ की आल पर और आप ﷺ के अस्हाब पर दुरूद व सलाम भेजो जो भेजने का हक़ है ।

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दरूद ए ताज हिंदी Image में 

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दरूद ए ताज अरबिक फोटो – Darood e taj
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